B'day Spl: रणधीर कपूर के डूबते करियर को देख बबीता ने छोड़ दिया उनका साथ,19 साल तक रहे एक दूसरे से दूर

नई दिल्ली। बॉलीवुड में एक समय ऐसा था जब इस इंडस्ट्री में कपूर खानदार का राज हुआ करता था। इस खानदान का हर चिराग अपने किरदार से अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहता था। उन्हीं चमकते सितारों में से एक थे मल्टीटेलेंटेड एक्टर रणधीर कपूर। रणधीर (Randhir Kapoor) बॉलीवुड के वो शख्स है जिन्होनें एक्टिंग, फिल्म निमार्ण और निर्देशन के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई है। रणधीर को एक्टिंग की कला विरासत में मिली है। उनके दादा से लेकर पिता राजकपूर तक फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर एक्टर और फिल्ममेकर थे। आज रणधीर कपूर(Randhir Kapoor) अपना 73 वां जन्मदिन सेलिब्रेट करने जा रहे है आइए जानते है रणधीर के जीवन से जुड़ी कुछ खास बातें।

बबीता के प्यार में पागल थे रणधीर
फिल्म 'कल आज और कल' में रणधीर और बबीता के बीच मुलाकात हुई और यह मुलाकात प्यार में बदल गई। रणधीर बबिता की खूबसूरती के इतने दिवाने हो गए कि उन्होनें बबीता को पाने के लिये कई बड़े कदम उठा लिये। यहां तक कि कपूर खानदान के विरोध में तक खड़े हो गए। क्योकि उनके पिता राज कपूर बबिता से शादी नही करवाना चाहते थे,उस समय कपूर खानदान में किसी अभिनेत्री से शादी करना अच्छा नहीं माना जाता था। रणधीर कपूर ने अपने पिता के हाथ में गन हाथ में देकर कहा कि बस बबिता और कोई भी नहीं। मजबूरन राजकपूर को इस शादी के लिए तैयार होना पड़ा। 1971 में बबीता और रणधीर की शादी हुई और बबिता ने फिल्मों को अलविदा कह दिया।

 

लेकिन कुछ ही समय के बाद इऩके रिश्ते में तनाव बढ़ने लगे। क्योकि एक तरफ जहां बबीता ने शादी के बाद इस रंगीन दुनिया को अलविदा कह दिया था तो दूसरी और रणधीर का करियर भी डूबने की कगार पर था। उन्हें कुछ काम ना मिलने से दोनों के बीच तनाव बढ़ने लगा था। फिर एक दिन ऐसा आया जब बबीता ने कपूर खानदान का घर छोड़ देने का फैसला ले लिया। और अपने मायके आरके कॉटेज में रहने चली गईं। बबिता ने अपनी बेटियों करिश्मा और करीना के करियर पर फोकस किया। दोनों का करियर उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कपूर खानदान के विरोध के बाद भी बनाया।

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